केडी: द डेविल (KD: The Devil) को रिलीज के बाद समीक्षकों (critics) और दर्शकों से मिले-जुले (mixed) रिव्यू मिले हैं। जहां कुछ लोग इसे मुख्य अभिनेता ध्रुव सरजा की एक धमाकेदार और हाई-एनर्जी वापसी मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इसे जरूरत से ज्यादा शोर-शराबे वाली, उलझी हुई और एक घिसी-पिटी गैंगस्टर फिल्म बताया है।
जोगी प्रेम द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1970 के दशक के बैंगलोर अंडरवर्ल्ड पर आधारित है। फिल्म में एक पुरानी कमर्शियल 'मास एंटरटेनर' (मसाला फिल्म) पेश करने की कोशिश की गई है।
🟢 दर्शकों और समीक्षकों को क्या पसंद आया?
* ध्रुव सरजा की एक्टिंग: लगभग सभी समीक्षकों का मानना है कि ध्रुव सरजा ने अपनी पिछली फिल्मों के मुकाबले इसमें बहुत बेहतरीन काम किया है। उनके किरदार 'काली' में गजब की एनर्जी, स्वैग और स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिलती है।
* मजबूत सपोर्टिंग कास्ट: फिल्म में डॉ. रविचंद्रन, रमेश अरविंद और संजय दत्त जैसे बड़े कलाकारों की मौजूदगी कहानी को गहराई देती है। इसके अलावा, फैंस के लिए किच्छा सुदीप का सरप्राइज गेस्ट अपीयरेंस फिल्म का एक बड़ा हाईलाइट है।
* भाई-भाई का इमोशन: निर्देशक प्रेम की फिल्मों में अक्सर 'मां का सेंटिमेंट' देखा जाता है, लेकिन इस फिल्म में काली और उसके ईमानदार भाई धर्मा (रमेश अरविंद) के बीच के रिश्ते और भावनाओं को दर्शकों ने काफी पसंद किया है।
* धमाकेदार क्लाइमेक्स: कई रिव्यू में कहा गया है कि हालांकि फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन आखिरी के 30 से 45 मिनट कमाल के हैं। क्लाइमेक्स का बड़ा ट्विस्ट और हाई-एनर्जी एंडिंग इसके अगले पार्ट (KD 2: Evil's Kingdom) के लिए एक मजबूत माहौल तैयार करती है।
🔴 क्या पसंद नहीं आया?
* असहनीय शोर-शराबा: सबसे बड़ी शिकायत फिल्म के हद से ज्यादा लाउड होने को लेकर है। समीक्षकों के मुताबिक, फिल्म के डायलॉग ऐसे लगते हैं जैसे कोई 'चिल्लाने की प्रतियोगिता' चल रही हो। अर्जुन जन्या का बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) इतना तेज है कि वह किरदारों के डायलॉग्स को भी दबा देता है।
* कमजोर विलेन: संजय दत्त का किरदार शुरुआत में बहुत दमदार और भारी-भरकम लगता है, लेकिन फिल्म के दूसरे हिस्से में वे एक बेहद साधारण और कमजोर विलेन बनकर रह जाते हैं।
* जबरदस्ती का रोमांस: काली और 'मशेट' लक्ष्मी (रीश्मा ननैया) के बीच का रोमांटिक ट्रैक कहानी की रफ्तार को रोकता है। कई दर्शकों को एक्ट्रेस का बात करने का अंदाज और उनके बीच की कॉमेडी काफी परेशान करने वाली लगी।
* कमजोर वीएफएक्स (VFX): बड़े बजट की फिल्म होने के बावजूद, 1970 के दशक को दिखाने के लिए बनाए गए सेट्स कई जगह नकली लगते हैं और वीएफएक्स का काम भी काफी फीका नजर आता है।
आखिरी फैसला
* मास सिनेमा के शौकीनों के लिए: अगर आप बिना ज्यादा दिमाग लगाए, केवल ध्रुव सरजा के फैंस के लिए बनाए गए एक्शन सीन्स, मार-धाड़ और थिएटर वाले माहौल का मजा लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है।
* गंभीर सिनेमा पसंद करने वालों के लिए: अगर आप अच्छी कहानी, शांत म्यूजिक और गहरे किरदारों वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको थका सकती है।
यदि आप इस फिल्म को देखने का मन बना रहे हैं, तो मुझे बताएं:
* क्या आपको असलियत के करीब (gritty) दिखने वाले क्राइम ड्रामा पसंद हैं या बड़े-बड़े एक्शन से भरपूर (mass action) फिल्में?
* क्या आप इस फिल्म को इसके किसी खास कलाकार (जैसे संजय दत्त या किच्छा सुदीप) के लिए देखना चाहते हैं?
[केडी: द डेविल (KD: The Devil)] फिल्म के बारे में कुछ और मुख्य बातें (बजट, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और ओटीटी रिलीज) इस प्रकार हैं:
💰 बजट और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (Box Office)
* भारी-भरकम बजट: फिल्म को केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) द्वारा लगभग ₹100 करोड़ के बड़े बजट पर बनाया गया था。
* कमाई में गिरावट: थिएटर्स में फिल्म की शुरुआत औसत रही। पहले हफ्ते में कर्नाटक में इसने कुछ पकड़ बनाई, लेकिन कमजोर कहानी और निगेटिव वर्ड-ऑफ-माउथ के कारण इसके कलेक्शन में भारी गिरावट आई।
* बॉक्स ऑफिस वर्डिक्ट: रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म दुनिया भर में लगभग ₹21-22 करोड़ का ही ग्रॉस कलेक्शन कर पाई, जिसके चलते इसे बॉक्स ऑफिस पर 'फ्लॉप' माना जा रहा है।
📱 ओटीटी रिलीज (OTT Release)
* यदि आप इस फिल्म को थिएटर में नहीं देख पाए हैं, तो अब यह ZEE5 पर उपलब्ध है।
* थिएटर्स में रिलीज होने के कुछ ही हफ्तों बाद इसे जून 2026 में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम कर दिया गया था। आप इसे कन्नड़, हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में देख सकते हैं।
🎵 विवाद (Controversy)
* फिल्म की रिलीज से पहले इसके गाने 'सरकार चुनरी' (Sarkar Chunari) को लेकर काफी विवाद हुआ था। गाने पर अश्लीलता के आरोप लगे थे, जिसके बाद महिला आयोग की फटकार के कारण इस गाने को हटाना पड़ा था।
🎬 प्रमुख मीडिया पोर्टल्स के मुख्य रिव्यूज
* NDTV (लता श्रीनिवासन): 2/5 स्टार्स – "फिल्म की एंट्री तो बहुत धमाकेदार है, लेकिन यह आपको अंत तक बांधकर नहीं रख पाती"।
* India Today (संजय पोनप्पा): 2.5/5 स्टार्स – "पीरियड एक्शन ड्रामा कुछ हिस्सों में तो एंटरटेनिंग है, लेकिन ज्यादातर यह बहुत लाउड, उलझा हुआ और हिंसक (violent) है"।
* The Times of India (सुस्मिता समीरा): 2.5/5 स्टार्स – "कुल मिलाकर, फिल्म एक मिला-जुला सिनेमाई अनुभव देती है"।
क्या आप इस फिल्म के दूसरे पार्ट (KD 2: Evil's Kingdom) या इसके गानों और एक्शन सीन्स के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं?
निष्कर्ष (Conclusion):
केडी: द डेविल एक ऐसी फिल्म है जो हर तरह के दर्शक के लिए नहीं बनी है। यह पूरी तरह से 'फैन सर्विस' और 'मास एंटरटेनमेंट' के फॉर्मूले पर आधारित है।
* किसे देखनी चाहिए?: यदि आप ध्रुव सरजा के पक्के फैन हैं, आपको बिना ज्यादा सोचे-समझे केवल भारी-भरकम एक्शन सीन्स, लाउड डायलॉग्स और थियेटर वाला माहौल पसंद आता है, तो आप इसे ओटीटी (ZEE5) पर एक बार देख सकते हैं। फिल्म का आखिरी आधा घंटा और इसका क्लाइमेक्स आपको पसंद आ सकता है।
* किसे छोड़ देनी चाहिए?: यदि आप मजबूत कहानी, गहरे किरदारों, और अच्छी साउंड इंजीनियरिंग वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको बहुत ज्यादा लाउड, थकाऊ और सिरदर्द देने वाली लग सकती है। ₹100 करोड़ के बजट और संजय दत्त जैसे बड़े स्टार्स के होने के बावजूद, कमजोर स्क्रीनप्ले के कारण यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई है।




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